Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.115.31: राजन! विवाह के पश्चात महर्षि भृगु अपनी पत्नी सहित ऋचीक को देखने के लिए उनके आश्रम में आये और अपने श्रेष्ठ पुत्र का विवाह देखकर वे बहुत प्रसन्न हुए ॥31॥ | mahabharat अध्याय 3.115: अकृतव्रणके द्वारा युधिष्ठिरसे परशुरामजीके उपाख्यानके प्रसंगमें ऋचीक मुनिका गाधिकन्याके साथ विवाह और भृगुऋषिकी कृपासे जमदग्निकी उत्पत्तिका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! विवाह के पश्चात महर्षि भृगु अपनी पत्नी सहित ऋचीक को देखने के लिए उनके आश्रम में आये और अपने श्रेष्ठ पुत्र का विवाह देखकर वे बहुत प्रसन्न हुए ॥31॥
Rajan! After marriage, Maharishi Bhrigu came to his ashram to see Richik along with his wife and he was very happy to see his best son married. 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥