वैशम्पायनजी कहते हैं - राजन ! तत्पश्चात् सभी भाग्यशाली पाण्डव और द्रौपदी वैतरणी के जल में उतरे और अपने पितरों का तर्पण किया ॥13॥
Vaishampayanji says- Rajan! Thereafter, all the fortunate Pandavas and Draupadi descended into the waters of Vaitarani and offered prayers to their ancestors. 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥