Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.113.5: 'राक्षस ही ऐसी चीजें लाते हैं।' ऐसा कहकर ऋषि विभाण्डक ने अपने पुत्र को उस वेश्या से मिलने से मना कर दिया और स्वयं उस वेश्या की खोज में निकल पड़े। तीन दिन तक खोजने पर भी जब वह उन्हें नहीं मिली, तो वे आश्रम लौट आए। | mahabharat अध्याय 3.113: ऋष्यशृंगका अंगराज लोमपादके यहाँ जाना, राजाका उन्हें अपनी कन्या देना, राजाद्वारा विभाण्डक मुनिका सत्कार तथा उनपर मुनिका प्रसन्न होना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'राक्षस ही ऐसी चीजें लाते हैं।' ऐसा कहकर ऋषि विभाण्डक ने अपने पुत्र को उस वेश्या से मिलने से मना कर दिया और स्वयं उस वेश्या की खोज में निकल पड़े। तीन दिन तक खोजने पर भी जब वह उन्हें नहीं मिली, तो वे आश्रम लौट आए।
'It is the demons who bring such things.' Saying this, sage Vibhandak forbade his son from meeting her and himself started searching for that prostitute. When he could not find her even after searching for three days, he returned to the ashram.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥