Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.113.2: हे प्रिये! ये सुन्दर रूप वाले राक्षस अनेक प्रकार से ऋषियों को मोहित करते रहते हैं। फिर वे भयंकर रूप धारण करके वन में रहने वाले ऋषियों को सुखमय लोकों से नीचे गिरा देते हैं॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 3.113: ऋष्यशृंगका अंगराज लोमपादके यहाँ जाना, राजाका उन्हें अपनी कन्या देना, राजाद्वारा विभाण्डक मुनिका सत्कार तथा उनपर मुनिका प्रसन्न होना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रिये! ये सुन्दर रूप वाले राक्षस अनेक प्रकार से ऋषियों को मोहित करते रहते हैं। फिर वे भयंकर रूप धारण करके वन में रहने वाले ऋषियों को सुखमय लोकों से नीचे गिरा देते हैं॥ 2॥
O dear! These beautiful looking demons keep tempting the sages through various means. Then they take on terrifying forms and bring down the sages living in the forests from the blissful worlds.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥