Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.113.19: पुरुषोत्तम लोमपाद द्वारा पूजित उस ऋषि ने अपने पुत्र को उसी प्रकार धन-धान्य से युक्त देखा, जैसे स्वर्ग में इन्द्र देव दिखाई देते हैं। अपने पुत्र के पास ही उन्होंने अपनी पुत्रवधू शांता को भी देखा, जो बिजली के समान चमक रही थी। 19॥ | mahabharat अध्याय 3.113: ऋष्यशृंगका अंगराज लोमपादके यहाँ जाना, राजाका उन्हें अपनी कन्या देना, राजाद्वारा विभाण्डक मुनिका सत्कार तथा उनपर मुनिका प्रसन्न होना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुरुषोत्तम लोमपाद द्वारा पूजित उस ऋषि ने अपने पुत्र को उसी प्रकार धन-धान्य से युक्त देखा, जैसे स्वर्ग में इन्द्र देव दिखाई देते हैं। अपने पुत्र के पास ही उन्होंने अपनी पुत्रवधू शांता को भी देखा, जो बिजली के समान चमक रही थी। 19॥
The sage, who was worshiped by Lomapada, the best of men, saw his son blessed with wealth in the same way as Lord Indra is seen in heaven. Near his son he also saw his daughter-in-law Shanta, who was glowing like lightning. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥