Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.111.7: 'इसके बाद' वेश्या बोली, "मुनि! क्या सभी तपस्वी कुशल से हैं? क्या आप सभी को पर्याप्त फल-मूल नहीं मिलते? क्या आप इस आश्रम में सुखी हैं? मैं इस समय आपके दर्शनार्थ ही यहाँ आई हूँ।" | mahabharat अध्याय 3.111: वेश्याका ऋष्यशृंगको लुभाना और विभाण्डक मुनिका आश्रमपर आकर अपने पुत्रकी चिन्ताका कारण पूछना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'इसके बाद' वेश्या बोली, "मुनि! क्या सभी तपस्वी कुशल से हैं? क्या आप सभी को पर्याप्त फल-मूल नहीं मिलते? क्या आप इस आश्रम में सुखी हैं? मैं इस समय आपके दर्शनार्थ ही यहाँ आई हूँ।"
‘After that’ the prostitute said - Muni! Are all the ascetics doing well? Don't you all get enough fruits and roots? Are you happy in this ashram? I have come here at this time only to see you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥