Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.111.10: आप इस गद्दी पर आराम से बैठिए। इस पर काले मृगचर्म का आवरण बिछा हुआ है, इसलिए इस पर बैठना आरामदायक होगा। आपका आश्रम कहाँ है? और आपका नाम क्या है? हे ब्रह्मन्! आप देवताओं की तरह किस व्रत का पालन कर रहे हैं?॥10॥   |   mahabharat अध्याय 3.111: वेश्याका ऋष्यशृंगको लुभाना और विभाण्डक मुनिका आश्रमपर आकर अपने पुत्रकी चिन्ताका कारण पूछना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 111: वेश्याका ऋष्यशृंगको लुभाना और विभाण्डक मुनिका आश्रमपर आकर अपने पुत्रकी चिन्ताका कारण पूछना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.111.10 
कौश्यां बृष्यामास्स्व यथोपजोषं
कृष्णाजिनेनावृतायां सुखायाम्।
क्व चाश्रमस्तव किं नाम चेदं
व्रतं ब्रह्मंश्चरसि हि देववत् त्वम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
आप इस गद्दी पर आराम से बैठिए। इस पर काले मृगचर्म का आवरण बिछा हुआ है, इसलिए इस पर बैठना आरामदायक होगा। आपका आश्रम कहाँ है? और आपका नाम क्या है? हे ब्रह्मन्! आप देवताओं की तरह किस व्रत का पालन कर रहे हैं?॥10॥
 
You may sit comfortably on this cushion. A black deerskin has been spread on it, so it will be comfortable to sit on it. Where is your ashram? And what is your name? O Brahman! Which fast are you observing like a god?॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)