Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.110.19: कुन्तीनन्दन! इस तीर्थ में स्नान करने वाले मनुष्यों के समस्त पाप तत्काल नष्ट हो जाते हैं। अतः कुरुश्रेष्ठ! तुम अपने भाइयों सहित यहाँ स्नान करो। 19॥ | mahabharat अध्याय 3.110: नन्दा तथा कौशिकीका माहात्म्य, ऋष्यशृंग मुनिका उपाख्यान और उनको अपने राज्यमें लानेके लिये राजा लोमपादका प्रयत्न । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुन्तीनन्दन! इस तीर्थ में स्नान करने वाले मनुष्यों के समस्त पाप तत्काल नष्ट हो जाते हैं। अतः कुरुश्रेष्ठ! तुम अपने भाइयों सहित यहाँ स्नान करो। 19॥
Kuntinandan! All the sins of the people who take a dip in this pilgrimage are instantly destroyed. Hence Kurushrestha! You take bath here with your brothers. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥