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mahabharat 3.110.16: उन दिनों सभी देवताओं ने यहाँ आकर उत्तम यज्ञ किये थे। हे भारत! उनके चिह्न आज भी देखे जा सकते हैं॥16॥   |   mahabharat अध्याय 3.110: नन्दा तथा कौशिकीका माहात्म्य, ऋष्यशृंग मुनिका उपाख्यान और उनको अपने राज्यमें लानेके लिये राजा लोमपादका प्रयत्न   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 110: नन्दा तथा कौशिकीका माहात्म्य, ऋष्यशृंग मुनिका उपाख्यान और उनको अपने राज्यमें लानेके लिये राजा लोमपादका प्रयत्न  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.110.16 
इह देवास्तदा सर्वे यज्ञानाजह्रुरुत्तमान्।
तेषामेतानि लिङ्गानि दृश्यन्तेद्यापि भारत॥ १६॥
 
 
अनुवाद
उन दिनों सभी देवताओं ने यहाँ आकर उत्तम यज्ञ किये थे। हे भारत! उनके चिह्न आज भी देखे जा सकते हैं॥16॥
 
In those days all the gods came here and performed excellent yagnas. O Bharat! Their signs can be seen even today.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)