Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.11.56: क्रोध में भरकर उसने सहसा आक्रमण किया और अपनी दोनों भुजाओं से राक्षस को पकड़ लिया, जैसे मतवाला हाथी उस हाथी से भिड़ जाता है जिसके माथे से घोड़ी बह रही हो ॥56॥ | mahabharat अध्याय 3.11: भीमसेनके द्वारा किर्मीरके वधकी कथा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अभिपद्य च बाहुभ्यां प्रत्यगृह्णादमर्षित:।
मातङ्गमिव मातङ्ग: प्रभिन्नकरटामुखम्॥ ५६॥
अनुवाद
क्रोध में भरकर उसने सहसा आक्रमण किया और अपनी दोनों भुजाओं से राक्षस को पकड़ लिया, जैसे मतवाला हाथी उस हाथी से भिड़ जाता है जिसके माथे से घोड़ी बह रही हो ॥56॥
Filled with anger, he suddenly attacked and caught hold of the demon with both his arms, just as a drunken elephant confronts another elephant whose mare is flowing from its forehead. ॥ 56॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥