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mahabharat 3.11.38: जब उसने ऐसा कहा, तो धर्मात्मा और सत्यवादी युधिष्ठिर क्रोधित हो गए और उन्होंने राक्षस को डाँटते हुए कहा, 'ऐसा कभी नहीं हो सकता।'   |   mahabharat अध्याय 3.11: भीमसेनके द्वारा किर्मीरके वधकी कथा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.11.38 
एवमुक्तस्तु धर्मात्मा सत्यसंधो युधिष्ठिर:।
नैतदस्तीति सक्रोधो भर्त्सयामास राक्षसम्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
जब उसने ऐसा कहा, तो धर्मात्मा और सत्यवादी युधिष्ठिर क्रोधित हो गए और उन्होंने राक्षस को डाँटते हुए कहा, 'ऐसा कभी नहीं हो सकता।'
 
When he said this, the righteous and truthful Yudhishthira became angry and rebuked the demon saying, 'This can never happen.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)