Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.11.26-27: युधिष्ठिर बोले, "मैं पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर हूँ। सम्भव है आपने मेरा नाम सुना हो। इस समय मेरा राज्य शत्रुओं ने जुए में हड़प लिया है। अतः मैंने भीमसेन, अर्जुन आदि सभी भाइयों के साथ वन में रहने का निश्चय किया है और आपके निवास स्थान इस घोर काम्यक वन में आया हूँ।" | mahabharat अध्याय 3.11: भीमसेनके द्वारा किर्मीरके वधकी कथा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर बोले, "मैं पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर हूँ। सम्भव है आपने मेरा नाम सुना हो। इस समय मेरा राज्य शत्रुओं ने जुए में हड़प लिया है। अतः मैंने भीमसेन, अर्जुन आदि सभी भाइयों के साथ वन में रहने का निश्चय किया है और आपके निवास स्थान इस घोर काम्यक वन में आया हूँ।"
Yudhishthira said, "I am Yudhishthira, son of Pandu. It is possible that you have heard my name. At present my kingdom has been usurped by the enemies in gambling. Therefore, I have decided to live in the forest with all my brothers like Bhimasena, Arjuna etc. and have come to this terrible Kamyaka forest, your place of residence.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥