Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.11.24: 'मैं यहाँ आनेवाले मनुष्यों को युद्ध में परास्त करके सदैव खाता हूँ। तुम कौन हो जो मेरा आहार बनने के लिए मेरे पास आए हो? मैं तुम सबको युद्ध में परास्त करके फिर निश्चिंत होकर अपना आहार बना लूँगा।'॥24॥ | mahabharat अध्याय 3.11: भीमसेनके द्वारा किर्मीरके वधकी कथा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'मैं यहाँ आनेवाले मनुष्यों को युद्ध में परास्त करके सदैव खाता हूँ। तुम कौन हो जो मेरा आहार बनने के लिए मेरे पास आए हो? मैं तुम सबको युद्ध में परास्त करके फिर निश्चिंत होकर अपना आहार बना लूँगा।'॥24॥
'I always eat the people who come here after defeating them in battle. Who are you who have come to me to become my food? I will defeat you all in battle and then make you my food without any worry.'॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥