श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 11: भीमसेनके द्वारा किर्मीरके वधकी कथा  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.11.22 
को भवान् कस्य वा किं ते क्रियतां कार्यमुच्यताम्।
प्रत्युवाचाथ तद् रक्षो धर्मराजं युधिष्ठिरम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
‘आप कौन हैं, किसके पुत्र हैं और आपका कौन-सा कार्य सिद्ध होना चाहिए?’ यह सब मुझसे कहिए। तब उस राक्षस ने धर्मराज युधिष्ठिर से कहा-॥22॥
 
'Who are you, whose son are you, and what work of yours should be accomplished? Tell me all this.' Then that demon said to Dharmaraja Yudhishthira -॥ 22॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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