Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.11.10: उसकी दहाड़ से भयभीत होकर जलचर पक्षियों के साथ-साथ स्थलीय पक्षी भी चहचहाने लगे और चारों दिशाओं में भागने लगे।   |   mahabharat अध्याय 3.11: भीमसेनके द्वारा किर्मीरके वधकी कथा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 11: भीमसेनके द्वारा किर्मीरके वधकी कथा  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.11.10 
तस्य नादेन संत्रस्ता: पक्षिण: सर्वतोदिशम्।
विमुक्तनादा: सम्पेतु: स्थलजा जलजै: सह॥ १०॥
 
 
अनुवाद
उसकी दहाड़ से भयभीत होकर जलचर पक्षियों के साथ-साथ स्थलीय पक्षी भी चहचहाने लगे और चारों दिशाओं में भागने लगे।
 
Frightened by his roar, the terrestrial birds along with the aquatic birds started chirping and running away in all directions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)