| श्री महाभारत » पर्व 3: वन पर्व » अध्याय 11: भीमसेनके द्वारा किर्मीरके वधकी कथा » श्लोक 1 |
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| | | | श्लोक 3.11.1  | धृतराष्ट्र उवाच
किर्मीरस्य वधं क्षत्त: श्रोतुमिच्छामि कथ्यताम्।
रक्षसा भीमसेनस्य कथमासीत् समागम:॥ १॥ | | | | | | अनुवाद | | धृतराष्ट्र ने पूछा- विदुर! मैं किर्मीर के वध का वृत्तांत सुनना चाहता हूँ, बताओ। भीमसेन का उस राक्षस से सामना किस प्रकार हुआ?॥1॥ | | | | Dhritarashtra asked- Vidur! I want to hear the story of the killing of Kirmir, tell me. How did Bhimasena encounter that demon?॥1॥ | | ✨ ai-generated | | |
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