Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.108.6: यह पर्वत असंख्य नदियों, उपवनों, घाटियों और महलों (मंदिरों) से सुशोभित है। इस पर्वत पर सदैव गुफाओं और कंदराओं में छिपे शेर और बाघ रहते हैं। | mahabharat अध्याय 3.108: भगीरथका हिमालयपर तपस्याद्वारा गंगा और महादेवजीको प्रसन्न करके उनसे वर प्राप्त करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह पर्वत असंख्य नदियों, उपवनों, घाटियों और महलों (मंदिरों) से सुशोभित है। इस पर्वत पर सदैव गुफाओं और कंदराओं में छिपे शेर और बाघ रहते हैं।
It is greatly adorned by numerous rivers, groves, valleys and palaces (temples). This mountain is always served by lions and tigers hiding in caves and caverns.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥