Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.106.8: भरत! उसने हैहय और तालजंघ नामक क्षत्रियों का वध करके समस्त राजाओं को अपने अधीन कर लिया और स्वयं अपना राज्य चलाने लगा।   |   mahabharat अध्याय 3.106: राजा सगरका संतानके लिये तपस्या करना और शिवजीके द्वारा वरदान पाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 106: राजा सगरका संतानके लिये तपस्या करना और शिवजीके द्वारा वरदान पाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.106.8 
स हैहयान् समुत्साद्य तालजङ्घांश्च भारत।
वशे च कृत्वा राजन्यान् स्वराज्यमन्वशासत॥ ८॥
 
 
अनुवाद
भरत! उसने हैहय और तालजंघ नामक क्षत्रियों का वध करके समस्त राजाओं को अपने अधीन कर लिया और स्वयं अपना राज्य चलाने लगा।
 
Bharata! After killing the Kshatriyas named Haihaya and Talajangha, he brought all the kings under his control and started ruling his kingdom.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)