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युधिष्ठिर उवाच
कथं वै ज्ञातयो ब्रह्मन् कारणं चात्र किं मुने।
कथं समुद्र: पूर्णश्च भगीरथप्रतिश्रयात्॥ ४॥
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा- 'ब्रह्मन्! भगीरथ के सम्बन्धी समुद्र को भरने में किस प्रकार निमित्त बने? मुने! उनके निमित्त बनने का क्या कारण है? तथा भगीरथ के आश्रय से समुद्र किस प्रकार भर गया?'
Yudhishthir asked- 'Brahman! How did Bhagiratha's relatives become instrumental in filling the ocean? Mune! What is the reason for becoming their instrument? And how was the ocean replenished by the shelter of Bhagiratha? 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥