Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.106.13-14: वरदाता भगवान शिव को देखते ही महाबाहु राजा सगर ने अपनी दोनों पत्नियों सहित प्रणाम करके पुत्र प्राप्ति की प्रार्थना की। तब भगवान शिव प्रसन्न हुए और उन्होंने पत्नी सहित नरश्रेष्ठ सगर से कहा - 'हे राजन! जिस समय में तुमने यहाँ वर माँगा है, उसका फल यही होगा।' 13-14॥ | mahabharat अध्याय 3.106: राजा सगरका संतानके लिये तपस्या करना और शिवजीके द्वारा वरदान पाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वरदाता भगवान शिव को देखते ही महाबाहु राजा सगर ने अपनी दोनों पत्नियों सहित प्रणाम करके पुत्र प्राप्ति की प्रार्थना की। तब भगवान शिव प्रसन्न हुए और उन्होंने पत्नी सहित नरश्रेष्ठ सगर से कहा - 'हे राजन! जिस समय में तुमने यहाँ वर माँगा है, उसका फल यही होगा।' 13-14॥
As soon as he saw Lord Shiva, the giver of blessings, the mighty-armed King Sagar along with his two wives bowed down and prayed for a son. Then Lord Shiva became pleased and said to Sagar, the best among mortals, along with his wife - 'O King! The result of the time in which you have asked for a boon here will be this. 13-14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥