श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 105: अगस्त्यजीके द्वारा समुद्रपान और देवताओंका कालेय दैत्योंका वध करके ब्रह्माजीसे समुद्रको पुन: भरनेका उपाय पूछना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.105.9 
ते वध्यमानास्त्रिदशैर्दानवा भीमनि:स्वना:।
चक्रु: सुतुमुलं युद्धं मुहूर्तमिव भारत॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे भारतपुत्र! जब देवताओं ने आक्रमण किया तो दैत्यों ने भी भयंकर गर्जना की और उनसे दो घड़ी तक युद्ध किया।
 
O son of Bharat! When the gods attacked the demons too roared horribly and fought with them for two hours.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)