vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 103: भगवान् विष्णुके आदेशसे देवताओंका महर्षि अगस्त्यके आश्रमपर जाकर उनकी स्तुति करना
»
श्लोक 4
श्लोक
3.103.4
क्षीणेषु च ब्राह्मणेषु पृथिवी क्षयमेष्यति।
तत: पृथिव्यां क्षीणायां त्रिदिवं क्षयमेष्यति॥ ४॥
अनुवाद
यदि ब्राह्मण नष्ट हो जाएँ तो सम्पूर्ण पृथ्वी नष्ट हो जाएगी और यदि पृथ्वी नष्ट हो जाए तो स्वर्ग भी नष्ट हो जाएगा ॥4॥
If the brahmins are destroyed, the entire earth will be destroyed, and if the earth is destroyed, heaven will also be destroyed. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×