Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.103.2-3: इस प्रकार सभी लोग एक-दूसरे की सहायता से उन्नति करते हैं। आपकी कृपा से ही सभी प्राणी तनावरहित जीवन जीते हैं और आपके द्वारा पूर्णतः सुरक्षित हैं। हे प्रभु! मनुष्यों के सामने बड़ा भय उत्पन्न हो गया है। कौन जाने रात्रि में कौन आकर इन ब्राह्मणों का वध कर रहा है॥ 2-3॥ | mahabharat अध्याय 3.103: भगवान् विष्णुके आदेशसे देवताओंका महर्षि अगस्त्यके आश्रमपर जाकर उनकी स्तुति करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लोका ह्येवं विवर्धन्ते ह्यन्योन्यं समुपाश्रिता:।
त्वत्प्रसादान्निरुद्विग्नास्त्वयैव परिरक्षिता:॥ २॥
इदं च समनुप्राप्तं लोकानां भयमुत्तमम्।
न च जानीम केनेमे रात्रौ वध्यन्ति ब्राह्मणा:॥ ३॥
अनुवाद
इस प्रकार सभी लोग एक-दूसरे की सहायता से उन्नति करते हैं। आपकी कृपा से ही सभी प्राणी तनावरहित जीवन जीते हैं और आपके द्वारा पूर्णतः सुरक्षित हैं। हे प्रभु! मनुष्यों के सामने बड़ा भय उत्पन्न हो गया है। कौन जाने रात्रि में कौन आकर इन ब्राह्मणों का वध कर रहा है॥ 2-3॥
In this way all people progress with the help of each other. It is by your grace that all beings live a tension-free life and are completely protected by you. O Lord! A great fear has arisen before the humans. Who knows who is coming at night and killing these Brahmins.॥ 2-3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥