vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 102: कालेयोंद्वारा तपस्वियों, मुनियों और ब्रह्मचारियों आदिका संहार तथा देवताओंद्वारा भगवान् विष्णुकी स्तुति
»
श्लोक 24
श्लोक
3.102.24
असुरश्च महेष्वासो जम्भ इत्यभिविश्रुत:।
यज्ञक्षोभकर: क्रूरस्त्वयैव विनिपातित:॥ २४॥
अनुवाद
'आपने ही यज्ञों का क्रूर विध्वंस करने वाले प्रसिद्ध जम्भ नामक दैत्य का वध किया था ॥24॥
'You yourself had killed the famous demon named Jambh, the cruel destroyer of yagyas. 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×