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mahabharat 3.102.23: ‘आपने ही वामन रूप धारण करके समस्त प्राणियों के लिए अविनाशी महाबली दैत्य को तीनों लोकों के राज्य से वंचित कर दिया था।॥ 23॥   |   mahabharat अध्याय 3.102: कालेयोंद्वारा तपस्वियों, मुनियों और ब्रह्मचारियों आदिका संहार तथा देवताओंद्वारा भगवान् विष्णुकी स्तुति   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 102: कालेयोंद्वारा तपस्वियों, मुनियों और ब्रह्मचारियों आदिका संहार तथा देवताओंद्वारा भगवान् विष्णुकी स्तुति  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  3.102.23 
अवध्य: सर्वभूतानां बलिश्चापि महासुर:।
वामनं वपुराश्रित्य त्रैलोक्याद् भ्रंशितस्त्वया॥ २३॥
 
 
अनुवाद
‘आपने ही वामन रूप धारण करके समस्त प्राणियों के लिए अविनाशी महाबली दैत्य को तीनों लोकों के राज्य से वंचित कर दिया था।॥ 23॥
 
‘By assuming the form of Vamana you yourself deprived the great demon Bali, who was indestructible for all creatures, of the kingdom of the three worlds.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)