श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 102: कालेयोंद्वारा तपस्वियों, मुनियों और ब्रह्मचारियों आदिका संहार तथा देवताओंद्वारा भगवान् विष्णुकी स्तुति  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.102.22 
आदिदैत्यो महावीर्यो हिरण्यकशिपु: पुरा।
नारसिंहं वपु: कृत्वा सूदित: पुरुषोत्तम॥ २२॥
 
 
अनुवाद
'पुरुषोत्तम! प्राचीन काल में आपने ही नरसिंह रूप धारण करके महाबली राक्षस हिरण्यकशिपुका का वध किया था।
 
'Purushottam! In ancient times you yourself had assumed the form of Narasimha and killed the mighty demon Hiranyakashipuka.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)