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mahabharat 3.102.14: कुछ लोग गुफाओं में छिप गए, कई लोग झरनों के पास रहने लगे और कई लोग मौत से इतना डर ​​गए कि डर के मारे मर गए।   |   mahabharat अध्याय 3.102: कालेयोंद्वारा तपस्वियों, मुनियों और ब्रह्मचारियों आदिका संहार तथा देवताओंद्वारा भगवान् विष्णुकी स्तुति   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.102.14 
केचिद् गुहा: प्रविविशुर्निर्झरांश्चापरे तथा।
अपरे मरणोद्विग्ना भयात् प्राणान् समुत्सृजन्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
कुछ लोग गुफाओं में छिप गए, कई लोग झरनों के पास रहने लगे और कई लोग मौत से इतना डर ​​गए कि डर के मारे मर गए।
 
Some people hid themselves in caves. Many people started living near waterfalls and many people were so scared of death that they died out of fear.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)