Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.102.12: स्वाध्याय और वषट्कार बंद हो गए। यज्ञोत्सव और अन्य कार्य नष्ट हो गए। समस्त जगत काल के भय से ग्रस्त हो गया और किसी में उत्साह नहीं रहा। | mahabharat अध्याय 3.102: कालेयोंद्वारा तपस्वियों, मुनियों और ब्रह्मचारियों आदिका संहार तथा देवताओंद्वारा भगवान् विष्णुकी स्तुति । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्वाध्याय और वषट्कार बंद हो गए। यज्ञोत्सव और अन्य कार्य नष्ट हो गए। समस्त जगत काल के भय से ग्रस्त हो गया और किसी में उत्साह नहीं रहा।
Swadhyaya and Vashatkaar were stopped. Yagyotsav and other activities were ruined. The entire world was afflicted with the fear of Kaala and there was no enthusiasm left.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥