Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.100.17: वह स्थान पहाड़ों की गुफाओं और कंदराओं में लेटे हुए, झाड़ियों में छिपे हुए और जंगल में विचरण करते हुए शेरों और बाघों की दहाड़ से गूंज रहा था। | mahabharat अध्याय 3.100: वृत्रासुरसे त्रस्त देवताओंको महर्षि दधीचका अस्थिदान एवं वज्रका निर्माण । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह स्थान पहाड़ों की गुफाओं और कंदराओं में लेटे हुए, झाड़ियों में छिपे हुए और जंगल में विचरण करते हुए शेरों और बाघों की दहाड़ से गूंज रहा था।
That place was echoing with the roaring of lions and tigers lying in the caves and caverns of the mountains, hiding in the bushes and roaming in the forest.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥