Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.10.6: हे कुरुणान्! मैत्रेय जो कुछ कहें, उसे बिना किसी संदेह के करना चाहिए। यदि उनके बताए हुए कार्य की उपेक्षा की गई, तो वे क्रोधित होकर आपके पुत्र को शाप दे देंगे।॥6॥ | mahabharat अध्याय 3.10: व्यासजीका जाना, मैत्रेयजीका धृतराष्ट्र और दुर्योधनसे पाण्डवोंके प्रति सद्भावका अनुरोध तथा दुर्योधनके अशिष्ट व्यवहारसे रुष्ट होकर उसे शाप देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे कुरुणान्! मैत्रेय जो कुछ कहें, उसे बिना किसी संदेह के करना चाहिए। यदि उनके बताए हुए कार्य की उपेक्षा की गई, तो वे क्रोधित होकर आपके पुत्र को शाप दे देंगे।॥6॥
O son of Kuruṇān! Whatever Maitreya says must be done without any doubt. If the work instructed by him is ignored, he will become angry and curse your son. ॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥