श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 10: व्यासजीका जाना, मैत्रेयजीका धृतराष्ट्र और दुर्योधनसे पाण्डवोंके प्रति सद्भावका अनुरोध तथा दुर्योधनके अशिष्ट व्यवहारसे रुष्ट होकर उसे शाप देना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  3.10.34 
त्वदभिद्रोहसंयुक्तं युद्धमुत्पत्स्यते महत्।
तत्र भीमो गदाघातैस्तवोरुं भेत्स्यते बली॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
'तुम्हारे इस छल के कारण बड़ा भारी युद्ध छिड़ जायेगा, जिसमें महाबली भीमसेन अपनी गदा के प्रहार से तुम्हारी जांघ तोड़ देंगे।'
 
'Because of your treachery a huge war will break out in which the mighty Bhimasena will break your thigh with a blow of his mace.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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