Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.10.20: राजन! तुम्हें पाण्डवों के साथ विश्वासघात नहीं करना चाहिए। हे पुरुषश्रेष्ठ! तुम स्वयं, पाण्डवों, कुरुकुल तथा सम्पूर्ण जगत के प्रिय साधन बनो। 20॥ | mahabharat अध्याय 3.10: व्यासजीका जाना, मैत्रेयजीका धृतराष्ट्र और दुर्योधनसे पाण्डवोंके प्रति सद्भावका अनुरोध तथा दुर्योधनके अशिष्ट व्यवहारसे रुष्ट होकर उसे शाप देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह