Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.10.2: मुनि! आप भी यही मानते हैं कि जो कुरुवंश के महान उत्थान का कारण है, वही श्रेष्ठ है। मुनि! विदुर, भीष्म और द्रोणाचार्य ने भी मुझसे यही बात कही है। | mahabharat अध्याय 3.10: व्यासजीका जाना, मैत्रेयजीका धृतराष्ट्र और दुर्योधनसे पाण्डवोंके प्रति सद्भावका अनुरोध तथा दुर्योधनके अशिष्ट व्यवहारसे रुष्ट होकर उसे शाप देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मुनि! आप भी यही मानते हैं कि जो कुरुवंश के महान उत्थान का कारण है, वही श्रेष्ठ है। मुनि! विदुर, भीष्म और द्रोणाचार्य ने भी मुझसे यही बात कही है।
Muni! You also believe that which is the reason for the great rise of the Kuru dynasty is the best. Muni! Vidur, Bhishma and Dronacharya have also told me the same thing. 2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥