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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 10: व्यासजीका जाना, मैत्रेयजीका धृतराष्ट्र और दुर्योधनसे पाण्डवोंके प्रति सद्भावका अनुरोध तथा दुर्योधनके अशिष्ट व्यवहारसे रुष्ट होकर उसे शाप देना
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श्लोक 19
श्लोक
3.10.19
मैत्रेय उवाच
दुर्योधन महाबाहो निबोध वदतां वर।
वचनं मे महाभाग ब्रुवतो यद्धितं तव॥ १९॥
अनुवाद
मैत्रेयजी बोले, "हे महाबाहु दुर्योधन! तुम वक्ताओं में श्रेष्ठ हो; मेरी बात सुनो। हे महामुने! मैं तुम्हारे हित के लिए कुछ कह रहा हूँ।"
Maitreya said, "O mighty-armed Duryodhan! You are the best among speakers; listen to me. O great one! I am telling you something for your benefit."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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