Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.1.12-13h: पाण्डवों के वन में चले जाने का समाचार पाकर हस्तिनापुरवासी शोक से पीड़ित होकर बिना किसी भय के आपस में बातें करने लगे और बार-बार भीष्म, विदुर, द्रोण और कृपाचार्य की निन्दा करते हुए इस प्रकार कहने लगे॥12 1/2॥ | mahabharat अध्याय 3.1: पाण्डवोंका वनगमन, पुरवासियोंद्वारा उनका अनुगमन और युधिष्ठिरके अनुरोध करनेपर उनमेंसे बहुतोंका लौटना तथा पाण्डवोंका प्रमाणकोटितीर्थमें रात्रिवास । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पाण्डवों के वन में चले जाने का समाचार पाकर हस्तिनापुरवासी शोक से पीड़ित होकर बिना किसी भय के आपस में बातें करने लगे और बार-बार भीष्म, विदुर, द्रोण और कृपाचार्य की निन्दा करते हुए इस प्रकार कहने लगे॥12 1/2॥
On learning that the Pandavas have gone to the forest, the residents of Hastinapur, stricken with grief, without any fear, began to speak to one another, repeatedly criticising Bhishma, Vidur, Drona and Krupacharya, saying thus.॥ 12 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥