हे भरतश्रेष्ठ! मैंने सभी दिशाओं में भ्रमण करते हुए वरुणजी का यह सुन्दर दरबार भी देखा है। अब कुबेर के दरबार का वर्णन सुनो।
O best of the Bharatas! While roaming around in all directions, I have also seen this beautiful court of Varunaji. Now listen to the description of Kubera's court.
इति श्रीमहाभारते सभापर्वणि लोकपालसभाख्यानपर्वणि वरुणसभावर्णने नवमोऽध्याय:॥ ९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत सभापर्वके अन्तर्गत लोकपालसभाख्यानपर्वमें वरुणसभा-वर्णनविषयक नवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठके ४ श्लोक मिलाकर कुल ३४ श्लोक हैं)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)