Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.89.19-20: संजय! उसके शाप के कारण मेरे सभी पुत्र आज ही मारे जाते, परन्तु उसने चुपचाप सब कुछ सहन कर लिया। जब रूप और यौवन से विभूषित पाण्डवों की पतिव्रता पत्नी को कृष्ण के दरबार में लाया गया, तो उसे वहाँ देखकर गांधारी सहित भरतवंश की सभी स्त्रियाँ भयंकर स्वर में विलाप और चीखने लगीं। | mahabharat अध्याय 2.89: धृतराष्ट्रकी चिन्ता और उनका संजयके साथ वार्तालाप । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय! उसके शाप के कारण मेरे सभी पुत्र आज ही मारे जाते, परन्तु उसने चुपचाप सब कुछ सहन कर लिया। जब रूप और यौवन से विभूषित पाण्डवों की पतिव्रता पत्नी को कृष्ण के दरबार में लाया गया, तो उसे वहाँ देखकर गांधारी सहित भरतवंश की सभी स्त्रियाँ भयंकर स्वर में विलाप और चीखने लगीं।
Sanjaya! Due to her curse all my sons would have been killed today itself, but she bore it all silently. When the pious wife of the Pandavas, adorned with beauty and youth, was brought to the court of Krishna, on seeing her there all the women of the Bharata clan, along with Gandhari, started wailing and screaming in a horrific voice.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥