Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.89.11: मृत्यु किसी का सिर लाठी या तलवार से नहीं काटती। मृत्यु की शक्ति केवल इतनी है कि वह प्रत्येक वस्तु के बारे में मनुष्य के विचार को विपरीत दिशा में ले जाती है। ॥11॥ | mahabharat अध्याय 2.89: धृतराष्ट्रकी चिन्ता और उनका संजयके साथ वार्तालाप । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न कालो दण्डमुद्यम्य शिर: कृन्तति कस्यचित्।
कालस्य बलमेतावद् विपरीतार्थदर्शनम्॥ ११॥
अनुवाद
मृत्यु किसी का सिर लाठी या तलवार से नहीं काटती। मृत्यु की शक्ति केवल इतनी है कि वह प्रत्येक वस्तु के बारे में मनुष्य के विचार को विपरीत दिशा में ले जाती है। ॥11॥
Death does not cut off anyone's head with a stick or a sword. Death's power is only such that it makes a person's thinking about every thing go the opposite way. ॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥