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अङ्गरागोचितां कृष्णां रक्तचन्दनसेविनीम्॥
वर्षमुष्णं च शीतं च नेष्यत्याशु विवर्णताम्।
अनुवाद
द्रौपदी के कोमल शरीर पर दिव्य श्रृंगार किया जाता था। वह लाल चंदन का प्रयोग करती थी, लेकिन अब जंगल में सर्दी, गर्मी और वर्षा के कारण उसकी चमक शीघ्र ही फीकी पड़ जाएगी।
Divine makeup used to adorn the delicate body of Draupadi. She used to use red sandalwood, but now due to cold, heat and rain in the forest, her glow will soon fade.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥