Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.87.15: यह मेरे भाग्य का दोष हो सकता है। यद्यपि तुम उत्तम गुणों से युक्त हो, फिर भी मैंने तुम्हें महान दुःख और कष्ट भोगने के लिए ही जन्म दिया है॥ 15॥ | mahabharat अध्याय 2.87: द्रौपदीका कुन्तीसे विदा लेना तथा कुन्तीका विलाप एवं नगरके नर-नारियोंका शोकातुर होना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह