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mahabharat 2.85.34: जो अन्य लोग भी राजसी विचार से मोहित होकर हमारे विरुद्ध युद्ध करेंगे, उन सबको मैं अपने तीखे बाणों द्वारा यमलोक भेज दूँगा॥34॥   |   mahabharat अध्याय 2.85: दु:शासनद्वारा पाण्डवोंका उपहास एवं भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेवकी शत्रुओंको मारनेके लिये भीषण प्रतिज्ञा   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 85: दु:शासनद्वारा पाण्डवोंका उपहास एवं भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेवकी शत्रुओंको मारनेके लिये भीषण प्रतिज्ञा  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  2.85.34 
ये चान्ये प्रतियोत्स्यन्ति बुद्धिमोहेन मां नृपा:।
तांश्च सर्वानहं बाणैर्नेतास्मि यमसादनम्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
जो अन्य लोग भी राजसी विचार से मोहित होकर हमारे विरुद्ध युद्ध करेंगे, उन सबको मैं अपने तीखे बाणों द्वारा यमलोक भेज दूँगा॥34॥
 
Others too who, out of delusion of kingly thinking, will fight against us, I will send them all to Yamaloka with my sharp arrows. ॥ 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)