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mahabharat 2.85.22: मैं तुमसे सत्य कहता हूँ। वह समय शीघ्र ही आएगा, जब मैं समस्त धनुर्धरों के सामने युद्ध में धृतराष्ट्र के समस्त पुत्रों को मारकर शान्ति प्राप्त करूँगा ॥22॥   |   mahabharat अध्याय 2.85: दु:शासनद्वारा पाण्डवोंका उपहास एवं भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेवकी शत्रुओंको मारनेके लिये भीषण प्रतिज्ञा   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 85: दु:शासनद्वारा पाण्डवोंका उपहास एवं भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेवकी शत्रुओंको मारनेके लिये भीषण प्रतिज्ञा  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  2.85.22 
धार्तराष्ट्रान् रणे हत्वा मिषतां सर्वधन्विनाम्।
शमं गन्तास्मि नचिरात् सत्यमेतद् ब्रवीमि ते॥ २२॥
 
 
अनुवाद
मैं तुमसे सत्य कहता हूँ। वह समय शीघ्र ही आएगा, जब मैं समस्त धनुर्धरों के सामने युद्ध में धृतराष्ट्र के समस्त पुत्रों को मारकर शान्ति प्राप्त करूँगा ॥22॥
 
I am telling you the truth. The time will soon come when, in front of all the archers, I will kill all the sons of Dhritarashtra in battle and attain peace. ॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)