भीमसेन उवाच
नृशंस परुषं वक्तुं शक्यं दु:शासन त्वया।
निकृत्या हि धनं लब्ध्वा को विकत्थितुमर्हति॥ २०॥
अनुवाद
भीमसेन बोले - हे क्रूर दु:शासन! ऐसे कटु वचन केवल तुम ही बोल सकते हो। तुम्हारे अतिरिक्त और कौन है जो छल-कपट से धन प्राप्त करके इस प्रकार अपनी प्रशंसा कर सकता है?
Bhimasena said - O cruel Dushasan! Only you can utter such harsh words. Who else other than you would praise himself in this manner after acquiring wealth by deceit and fraud?