Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.85.12: ये सभी कौरव क्षमाशील, बुद्धिमान और उत्तम धन-सम्पदा से युक्त हैं। इनमें से किसी एक को अपना पति चुन लो, ताकि यह विपत्ति (दरिद्रता) तुम्हें दुःखी न करे॥12॥ | mahabharat अध्याय 2.85: दु:शासनद्वारा पाण्डवोंका उपहास एवं भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेवकी शत्रुओंको मारनेके लिये भीषण प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एते हि सर्वे कुरव: समेता:
क्षान्ता दान्ता: सुद्रविणोपपन्ना:।
एषां वृणीष्वैकतमं पतित्वे
न त्वां तपेत् कालविपर्ययोऽयम्॥ १२॥
अनुवाद
ये सभी कौरव क्षमाशील, बुद्धिमान और उत्तम धन-सम्पदा से युक्त हैं। इनमें से किसी एक को अपना पति चुन लो, ताकि यह विपत्ति (दरिद्रता) तुम्हें दुःखी न करे॥12॥
'All these Kauravas are forgiving, intelligent and endowed with excellent wealth and prosperity. Choose one of these as your husband, so that this adverse time (poverty) does not make you sad. 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥