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mahabharat 2.84.21: शकुनि ने कहा, "हे राजन! हमारे पास बैल, घोड़े और बहुत सी दूध देने वाली गायें हैं। भेड़-बकरियों की संख्या अनगिनत है। हमारे पास हाथी, खजाना, दास और सोना है।"   |   mahabharat अध्याय 2.84: सबके मना करनेपर भी धृतराष्ट्रकी आज्ञासे युधिष्ठिरका पुन: जूआ खेलना और हारना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 84: सबके मना करनेपर भी धृतराष्ट्रकी आज्ञासे युधिष्ठिरका पुन: जूआ खेलना और हारना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  2.84.21 
शकुनिरुवाच
गवाश्वं बहुधेनूकमपर्यन्तमजाविकम्।
गजा: कोशो हिरण्यं च दासीदासाश्च सर्वश:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
शकुनि ने कहा, "हे राजन! हमारे पास बैल, घोड़े और बहुत सी दूध देने वाली गायें हैं। भेड़-बकरियों की संख्या अनगिनत है। हमारे पास हाथी, खजाना, दास और सोना है।"
 
Shakuni said, "O King! We have oxen, horses and many milk-giving cows. The number of sheep and goats is beyond count. We have elephants, treasure, slaves and gold."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)