Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.83.3: 'भरत! इसने जन्म लेते ही सियार के समान 'हुआँ-हुआँ' की ध्वनि की है; अतः यह अवश्य ही इस कुल का नाश करने वाला होगा। कौरवों! तुम लोग भी इसे अच्छी तरह समझ लो॥ 3॥   |   mahabharat अध्याय 2.83: गान्धारीकी धृतराष्ट्रको चेतावनी और धृतराष्ट्रका अस्वीकार करना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 83: गान्धारीकी धृतराष्ट्रको चेतावनी और धृतराष्ट्रका अस्वीकार करना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  2.83.3 
व्यनदज्जातमात्रो हि गोमायुरिव भारत।
अन्तो नूनं कुलस्यास्य कुरवस्तन्निबोधत॥ ३॥
 
 
अनुवाद
'भरत! इसने जन्म लेते ही सियार के समान 'हुआँ-हुआँ' की ध्वनि की है; अतः यह अवश्य ही इस कुल का नाश करने वाला होगा। कौरवों! तुम लोग भी इसे अच्छी तरह समझ लो॥ 3॥
 
'Bharat! As soon as he was born, he made the sound 'hua-hua' like a jackal; hence he will definitely be the destroyer of this clan. Kauravas! You people should also understand this very well.॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)