Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.82.d71: वैशम्पायन कहते हैं: धृतराष्ट्र के वचन सुनकर राजा दुर्योधन कुछ देर तक विचार करके विधाता की प्रेरणा से इस प्रकार बोले।   |   mahabharat अध्याय 2.82: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे अर्जुनकी वीरता बतलाकर पुन: द्यूतक्रीड़ाके लिये पाण्डवोंको बुलानेका अनुरोध और उनकी स्वीकृति   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 82: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे अर्जुनकी वीरता बतलाकर पुन: द्यूतक्रीड़ाके लिये पाण्डवोंको बुलानेका अनुरोध और उनकी स्वीकृति  »  श्लोक d71
 
 
श्लोक  2.82.d71 
वैशम्पायन उवाच
धृतराष्ट्रवच: श्रुत्वा राजा दुर्योधनस्तदा।
चिन्तयित्वा मुहूर्तं तु विधिना चोदितोऽब्रवीत्॥)
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं: धृतराष्ट्र के वचन सुनकर राजा दुर्योधन कुछ देर तक विचार करके विधाता की प्रेरणा से इस प्रकार बोले।
 
Vaishmpayana says: After listening to Dhritarashtra's words, King Duryodhan, after thinking for a while, got inspired by the Creator and spoke as follows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)