Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.82.d7: दक्षिण महासागर के तट पर स्थित कुमारितीर्थ पर पहुंचकर अर्जुन ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए मगरमच्छ का रूप धारण कर चुकी पांच अप्सराओं को बलपूर्वक बचाया। | mahabharat अध्याय 2.82: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे अर्जुनकी वीरता बतलाकर पुन: द्यूतक्रीड़ाके लिये पाण्डवोंको बुलानेका अनुरोध और उनकी स्वीकृति । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स दक्षिणं समुद्रान्तं गत्वा चाप्सरसां च वै।
कुमारीतीर्थमासाद्य मोक्षयामास चार्जुन:॥
ग्राहरूपान्विता: पञ्च अतिशौर्येण वै बलात्।
अनुवाद
दक्षिण महासागर के तट पर स्थित कुमारितीर्थ पर पहुंचकर अर्जुन ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए मगरमच्छ का रूप धारण कर चुकी पांच अप्सराओं को बलपूर्वक बचाया।
Reaching Kumaritirtha on the shores of the South Ocean, Arjuna displayed great courage and forcefully rescued five Apsaras who had taken the form of crocodiles.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥