Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.82.d46-d49: राजेन्द्र! अब अर्जुन के पराक्रम की कथा सुनो। उसने उत्तर दिशा में जाकर जम्बूद्वीप के नौ वर्षों को उसके नगरों और पर्वतों सहित जीत लिया। भरतश्रेष्ठ! सम्पूर्ण जम्बूद्वीप को अपने अधीन करके उसने बलपूर्वक समस्त राजाओं को परास्त किया, सब पर कर लगाया, उनसे सभी प्रकार के रत्नों का दान लिया और अपने नगर लौट आया। भरतश्रेष्ठ! तत्पश्चात अर्जुन ने अपने बड़े भाई महात्मा धर्मराज युधिष्ठिर से क्रतुश्रेष्ठ राजसूय का अनुष्ठान करवाया। | mahabharat अध्याय 2.82: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे अर्जुनकी वीरता बतलाकर पुन: द्यूतक्रीड़ाके लिये पाण्डवोंको बुलानेका अनुरोध और उनकी स्वीकृति । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजेन्द्र! अब अर्जुन के पराक्रम की कथा सुनो। उसने उत्तर दिशा में जाकर जम्बूद्वीप के नौ वर्षों को उसके नगरों और पर्वतों सहित जीत लिया। भरतश्रेष्ठ! सम्पूर्ण जम्बूद्वीप को अपने अधीन करके उसने बलपूर्वक समस्त राजाओं को परास्त किया, सब पर कर लगाया, उनसे सभी प्रकार के रत्नों का दान लिया और अपने नगर लौट आया। भरतश्रेष्ठ! तत्पश्चात अर्जुन ने अपने बड़े भाई महात्मा धर्मराज युधिष्ठिर से क्रतुश्रेष्ठ राजसूय का अनुष्ठान करवाया।
Rajendra! Listen to the story of Arjun's bravery now. He went north and conquered the nine years of Jambudweep along with its cities and mountains. Bharatshrestha! After subjugating the entire Jambudweep, he defeated all the kings by force, imposed taxes on everyone, took gifts of all types of gems from them and returned back to his hometown. India Thereafter, Arjun got his elder brother Mahatma Dharmaraja Yudhishthira to perform the ritual of Kratushreshtha Rajasuya.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥