Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.82.d2: महाराज! मैं पूर्वकाल में अर्जुन द्वारा किये गये अकल्पनीय पराक्रम का वर्णन कर रहा हूँ, सुनिए। महाराज! पूर्वकाल में राजा द्रुपद के नगर में द्रौपदी के स्वयंवर के समय धनुर्धरों में श्रेष्ठ अर्जुन ने ऐसा पराक्रम दिखाया था, जो अन्यों के लिए अत्यंत कठिन है। | mahabharat अध्याय 2.82: दुर्योधनका धृतराष्ट्रसे अर्जुनकी वीरता बतलाकर पुन: द्यूतक्रीड़ाके लिये पाण्डवोंको बुलानेका अनुरोध और उनकी स्वीकृति । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! मैं पूर्वकाल में अर्जुन द्वारा किये गये अकल्पनीय पराक्रम का वर्णन कर रहा हूँ, सुनिए। महाराज! पूर्वकाल में राजा द्रुपद के नगर में द्रौपदी के स्वयंवर के समय धनुर्धरों में श्रेष्ठ अर्जुन ने ऐसा पराक्रम दिखाया था, जो अन्यों के लिए अत्यंत कठिन है।
Maharaj! I am describing the unimaginable courageous deeds that Arjuna has done in the past, listen. King! Earlier, in the city of King Drupada, during the swayamvara of Draupadi, Arjuna, the best among archers, had displayed such valour which is extremely difficult for others.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥